
उत्तर प्रदेश । गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक सिपाही की शिकायत पर आईपीएस अधिकारी समेत 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ नंदगंज थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में चंदौली जिले के पूर्व एसपी अमित कुमार (द्वितीय) के साथ कोतवाल, दारोगा और कई सिपाहियों के नाम शामिल हैं।
सिपाही अनिल कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि पुलिस वालों ने अवैध धन वसूली का खेल खेला था, जिसका भंडाफोड़ उन्होंने किया था। इसके बाद पुलिस वालों ने उनकी जान के पीछे पड़ गए और उनके अपहरण की असफल कोशिश की।
सिपाही अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वह चंदौली में तैनात थे, जहां उन्होंने पुलिस वालों द्वारा की जा रही अवैध धन वसूली का भंडाफोड़ किया था। उन्होंने वसूली लिस्ट वायरल कर दी थी, जिसकी जांच डीआईजी विजिलेंस द्वारा की गई थी। जांच में सिपाही द्वारा लगाए गए आरोप सत्य पाए गए थे।
आरोप है कि इस मामले से क्षुब्ध होकर एसपी ने सिपाही को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद एसपी, इंस्पेक्टर आदि बदले की भावना से ग्रस्त होकर योजनाबद्ध तरीके से सिपाही को फर्जी मुकदमे में फंसाने में लग गए। जब ये नहीं हो पाया तो उसके अपहरण व हत्या की असफल कोशिश करवाई। वहीं, इसी दौरान करप्शन उजागर करने में शामिल रहे अन्य चार लोगों की हत्या हो गई।
सिपाही अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस वालों ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली, जहां से केस दर्ज करने का आदेश पारित हुआ। लेकिन फिर भी केस दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में कंटेंम्ट के आदेश पर आखिरकार 27 नवंबर को केस दर्ज हुआ।
इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर लगभग तीन साल बाद कल नंदगंज थाने में एफआईआर लिखी गई है। पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।