
दुर्ग ।दुर्ग कोर्ट से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव नजरुल इस्लाम को जमानत मिल गई है, जिन्हें जिम संचालक अमित लखवानी के अपहरण और मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं, क्योंकि पुलिस ने नजरुल इस्लाम पर अपहरण की धारा लगाई थी, जिसे लेकर न्यायाधीश ने पुलिस को फटकार लगाई है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
न्यायाधीश ने पूछा कि क्या पुलिस को पता है कि दबाव में धारा लगाने पर नौकरी भी जा सकती है। इस पर पुलिस के एसआई वर्मा ने कहा कि उन्हें दबाव में धारा लगाने के लिए कहा गया था। न्यायाधीश ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस को अपनी जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
जमानत मिलने के बाद नजरुल इस्लाम के वकील ने कहा कि पुलिस ने उनके मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया है और उन्हें जमानत मिलना उनकी जीत है।
मामले की फिर से जांच के निर्देश
न्यायाधीश ने दुर्ग एसपी और आईजी को इस मामले में फिर से जांच करने और अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पुलिस को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह अपनी जिम्मेदारी के साथ काम करे और दबाव में आकर कोई कार्रवाई न करे।
अन्य आरोपी फरार
इस मामले में पुलिस चरोदा निगम के सभापति कृष्णा चंद्राकर और दो अन्य पार्षदों की तलाश कर रही है, जो अभी फरार बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सभापति कृष्णा और दो अन्य पार्षद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाने में लगे हुए हैं।