
दुर्ग। नेवई थाना क्षेत्र में फर्जी लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला से लोन दिलाने का झांसा देकर ₹66,500 की ठगी की थी।
मामले में मौहारी भाठा निवासी पूर्णिमा साहू (33 वर्ष) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि घर खरीदने के लिए लोन लेने के दौरान कुछ लोगों ने पोस्टर के माध्यम से संपर्क कर खुद को लोन उपलब्ध कराने वाला बताया और विश्वास में लेकर धोखाधड़ी की।
आरोपियों ने महिला से जरूरी दस्तावेज लेकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और लोन प्रोसेसिंग के नाम पर ₹66,500 ले लिए। इसके बाद न तो लोन दिलाया गया और न ही रकम वापस की गई। उल्टा चेक के दुरुपयोग की धमकी देकर लगातार गुमराह किया जाता रहा।
शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 225/2026 के तहत धारा 318(4), 316(2), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान तीनों आरोपियों की पहचान कर 10 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में भूपेश भारती उर्फ राम उर्फ दुर्गेश (27 वर्ष) निवासी ग्राम छाटा, संजय जनबंधु (35 वर्ष) निवासी कैम्प 02 शारदापारा और हेमंत गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता (28 वर्ष) निवासी रूआबांधा बस्ती शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मामले से जुड़े दस्तावेज और बैंक चेक भी जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध तरीके से आर्थिक लाभ कमाने के लिए इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे थे।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लोन या किसी भी वित्तीय सेवा के लिए केवल अधिकृत बैंक या संस्थानों से ही संपर्क करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या लालच देने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें।