
दुर्ग । सुपेला पुलिस ने निशा बिजनेस कंसल्टेंसी एवं यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा देने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निवेशकों को हर महीने 10–15 प्रतिशत लाभ का लालच देकर विभिन्न लोगों से बड़ी रकम वसूल की थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई लगभग 12–13 लाख रुपये की कार भी जब्त की है। मामले के मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, उसकी पत्नी डॉली नामदेव और निशा मानिकपुरी पहले से ही इसी तरह की ठगी के मामलों में जेल में बंद हैं।
18 नवंबर को अविनाश कुमार ने थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात चंदन राव, सूर्या कांत निर्मलकर उर्फ विवान सिंघानिया और देवेंद्र सहारे से हुई। इन लोगों ने उसे और उसके परिचितों को स्नेहांशु नामदेव की कंपनी में निवेश करने का प्रलोभन दिया।
06 जून 2025 से 04 अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अविनाश, उसकी बहन सोनम वर्मा, रिश्तेदार तुलाराम चंद्राकर, संदीप चंद्राकर और दोस्त अक्षत पाठक से कुल 35 लाख रुपये शेयर ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करा लिए। समय पर न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन लौटाया गया।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 1372/2025 दर्ज कर कार्रवाई की गई। ठगी की रकम से खरीदी गई कार को जब्त किया गया और तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव और उसके दो अन्य साथी पहले से ही 75 लाख रुपये की ठगी के मामले (अपराध क्रमांक 1137/2025) में जेल में बंद हैं।
गिरफ्तार आरोपी
- चंदन राव, 25 वर्ष, सेक्टर 1, भिलाई
- देवेंद्र कुमार सहारे, 30 वर्ष, सेक्टर 1, भिलाई
- विवान सिंघानिया उर्फ सूर्या कांत निर्मलकर, 28 वर्ष, सेक्टर 1, भिलाई
पुलिस टीम में विजय कुमार यादव, दीपक चौहान, चितराम ठाकुर, संतोष मिश्रा, गंगाराम यादव, अमर सिंह, योगेश चंद्राकर, सूर्यप्रताप सिंह, अजीत यादव और प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।