आईजी दुर्ग रेंज ने दोषमुक्ति मामलों की समीक्षा बैठक ली

तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर दिया विशेष जोर

दुर्ग, । – पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग ने कार्यालय सभागार में दोषमुक्ति मामलों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में अभियोजन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

दोषमुक्ति मामलों का गहन विश्लेषण

बैठक के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत उन मामलों का विस्तृत विश्लेषण किया गया, जिनमें आरोपी दोषमुक्त हुए थे। इस समीक्षा के तहत विवेचना में होने वाली त्रुटियों को कम करने, भौतिक साक्ष्यों के संग्रहण में सावधानी बरतने और अभियोजन की सफलता दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा

तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए विशेष चर्चा की गई। इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, साइबर फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और प्रभावी प्रस्तुति पर जोर दिया गया। आईजी ने निर्देश दिए कि विवेचना अधिकारी केस डायरी में तकनीकी साक्ष्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करें और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप इनका समुचित उपयोग करें।

विवेचकों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना अनिवार्य

बैठक में अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विवेचकों को समय-समय पर कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए, जिससे दोषमुक्ति की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके। इसके अलावा, गवाहों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

समीक्षा बैठक में जिला अभियोजन अधिकारी अनुरेखा सिंह, उप संचालक अभियोजन बालोद प्रेमेंद्र बैसवाड़े, उप संचालक अभियोजन बेमेतरा अपर्णा अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेमेतरा ज्योति सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग पदमश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद अशोक जोशी, उप निरीक्षक राज कुमार प्रधान, सहायक उप निरीक्षक हेमंत त्रिपाठी, डाटा एंट्री ऑपरेटर तेजस्वी गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक अभियोजन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और दोषमुक्ति के मामलों को न्यूनतम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *