
दुर्ग । दुर्ग कोतवाली पुलिस ने हत्या के एक फरार आरोपी को साल भर बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवराज गुप्ता ने विवाद के चलते लकड़ी के खटिया के खुरा से वार कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी और एक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
घटना का विवरण 20 जनवरी 2024 को प्रार्थिया श्रीमती चंद्रिका बंजारे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनके पति बाबूलाल बंजारे और बहू अश्वनी बंजारे घर पर थे, जबकि वह स्वयं मीताराइस मिल में काम कर रही थीं। पड़ोसन दुर्गेश्वरी साहू ने आकर उन्हें बताया कि युवराज गुप्ता ने उनके पति और बहू के साथ मारपीट की है।
अश्वनी ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे युवराज गुप्ता अपनी पत्नी सोनिया गुप्ता के साथ झगड़ा कर रहा था। डर के कारण सोनिया किसी पड़ोसी के घर में छिप गई थी। युवराज उसे खोजते हुए अश्वनी के घर पहुंचा और सोनिया के बारे में पूछताछ करने लगा। अश्वनी ने जानकारी न होने की बात कही, जिससे गुस्से में आकर युवराज गुप्ता ने उन्हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। बात बढ़ने पर युवराज ने लकड़ी के खटिया के खुरा से अश्वनी पर हमला कर दिया।
इसी दौरान बीच-बचाव करने आए बाबूलाल बंजारे पर भी युवराज ने हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इस घटना की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 30/2024 के तहत धारा 294, 506, 323 भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। बाद में इलाज के दौरान बाबूलाल बंजारे की मृत्यु हो जाने पर धारा 302 भी जोड़ी गई।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। हाल ही में सूचना मिली कि आरोपी युवराज गुप्ता बिहार से अपने घर, दुर्ग वापस आ रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में युवराज ने अपना जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर दुर्ग न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक विजय कुमार यादव, प्रधान आरक्षक अजय विश्वकर्मा, आरक्षक सुरेश कुमार और आरक्षक विकास तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सतर्कता और सूझबूझ के कारण साल भर से फरार चल