
दुर्ग । दुर्ग और राजनांदगांव जिले की सीमा पर कल्याणी इस्पात नामक एक आयरन कंपनी के खुलने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका मानना है कि इस कंपनी से प्रदूषण बढ़ेगा और इसलिए इसे बंद किया जाना चाहिए।
कोपेडीह ग्राम पंचायत की सरपंच यमुना साहू ने बताया कि कंपनी ने कई साल पहले ग्राम पंचायत से गलत जानकारी देकर एनओसी ली थी। उन्होंने गलत तरीके से जनसुनवाई की। ग्राम पंचायत ने एनओसी दी थी, लेकिन अब दूसरी फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। इसलिए ग्राम पंचायत की दोबारा बैठक बुलाई गई और सर्वसम्मति से प्रस्ताव को कैंसल कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने कंपनी के गेट पर बैठकर चक्काजाम कर दिया और पुलिस के सामने कंपनी के गेट को बंद कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि काम नहीं रुका तो वो आगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण परस साहू ने बताया कि उन्हें यही नहीं पता है कि यहां कौन सी कंपनी काम कर रही है। ना तो उन्होंने यहां किसी का बोर्ड लगाया है। कल्याणी ने सहमति और एनओसी ली। उसके बाद पता चला कि यहां दूसरी कंपनी काम कर रही है। पहले ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं दी गई। अब पता चल रहा है कि यहां स्पंज आयरन की फैक्ट्री बनाई जा रही है। इससे गांव में प्रदूषण बढ़ेगा।
इस्पात उत्पादन की प्रक्रिया में लौह अयस्क से इस्पात बनाने के लिए कच्चे लोहे में उपस्थित अतिरिक्त कार्बन तथा गंधक, फॉस्फोरस आदि अशुद्धियों को निकाला जाता है। लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि इससे प्रदूषण बढ़ेगा और इसलिए इसे बंद किया जाना चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी को बंद किया जाए और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाए। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल तैनात किया है।