छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी सदन का निर्माण कार्य शुरू

Raipur । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी सदन का निर्माण कार्य शुरू किया है। इसके लिए 179 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है।

महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 29.20 लाख होगी। उक्त कार्य महतारी सदन योजना के बजट से 24.70 लाख तथा स्वच्छ भारत मिशन के बजट से 4.50 लाख के अभिसरण से किया जाएगा।

इसप्रकार 179 महतारी सदन हेतु 52 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किया गया है। 5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना है। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे।

प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हर्ब की खेती करना एक अच्छा विकल्प है, जिससे जल संचयन और सिंचाई की समस्या का समाधान हो सकता है। वाटर हर्ब एक ऐसी फसल है जो कम पानी में भी उगाई जा सकती है और इसके लिए ट्यूबवेल का पानी उपयुक्त होता है।

इसके अलावा, वाटर हर्ब की खेती से किसानों को अतिरिक्त आय भी हो सकती है, क्योंकि इसकी मांग बाजार में अधिक होती है। इसके लिए किसानों को सरकारी योजनाओं के तहत अनुदान भी मिल सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

वाटर हर्ब की खेती करने से जल संचयन और सिंचाई की समस्या का समाधान होने के साथ-साथ पर्यावरण भी संरक्षित होता है, क्योंकि इसमें कम रसायनों का उपयोग होता है।

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