
नारायणपुर। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है। अबूझमाड़ के परादी जंगल में नारायणपुर पुलिस ने संयुक्त नक्सल विरोधी ‘माड़ बचाओ’ अभियान चलाया, जिसमें फिर बड़ी सफलता मिली। इस मुठभेड़ में माओवादी संगठन के तीन प्रमुख कैडर ढेर हुए। मारे गए नक्सलियों में DKSZC रूपेश, DVCM जगदीश और PPCM सरिता शामिल हैं, जिन पर क्रमशः 25, 16 और 8 लाख रुपए का इनाम था।

पुलिस के मुताबिक, 2024 में अब तक 157 नक्सली मारे गए हैं। 663 गिरफ्तार किए गए और 556 ने आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि 22 सितंबर को पुलिस को अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। इस सूचना की पुष्टि के लिए नारायणपुर, कोण्डागांव और दंतेवाड़ा की डीआरजी, एसटीएफ और बीएसएफ के संयुक्त बलों को अभियान में लगाया गया।
पांच दिनों तक चले इस अभियान में माओवादी पुलिस बल पर अचानक फायरिंग करने लगे। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में गोलीबारी की। मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान तीन माओवादियों के शव और बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए।



मारे गए नक्सली रूपेश उर्फ कोलू उर्फ शांभा गोसाई – DKSZC (इनाम: 25 लाख), महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले का निवासी। इस पर 66 आपराधिक मामले दर्ज थे। जगदीश उर्फ रमेश उर्फ सुखलाल टेकाम – DVCM (इनाम: 16 लाख), मप्र के बालाघाट जिले का निवासी। इस पर 43 आपराधिक मामले दर्ज थे। सरिता उर्फ बसंती – PPCM, PLGA कंपनी नंबर 10 की महिला माओवादी (इनाम: 8 लाख), छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की निवासी।
घटना स्थल पर खून के धब्बे, और भी नक्सली घायल होने की आशंका घटना स्थल से AK-47, INSAS, SLR, कार्बाइन, 303 राइफल, 12 बोर बंदूक, BGL लांचर समेत भारी मात्रा में गोला बारूद, विस्फोटक सामग्री और नक्सली दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं। साक्ष्य बताते हैं कि इस मुठभेड़ में कई और नक्सली घायल या मारे गए होंगे, क्योंकि मौके पर खून के धब्बे मिले हैं।
सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान पांच दिन तक अबूझमाड़ की दुर्गम और विकट परिस्थितियों का सामना किया। इस अभियान का उद्देश्य माओवादी विचारधारा से प्रभावित ग्रामीणों को मुख्यधारा में लाना और क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाना है. पुलिस के लगातार अभियानों से नक्सलियों का प्रभाव कम होता जा रहा है और ग्रामीण अब भयमुक्त जीवन की आशा करने लगे हैं. नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य माओवादियों के प्रभाव से मूल निवासियों को बचाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है. उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर पुनर्वास नीति अपनाने की अपील की है.