
गोविंदा चौहान । दुर्ग: शहर में निकाय चुनाव की आहट के साथ ही एक बड़े नेताजी का नाम लेकर खूब जुमले बाजी हो रही है. दरअसल, नेताजी ने जनता को झूले की सैर कराने का वादा किया. लेकिन रिजल्ट आने के बाद नेताजी खुद झूल गए.
विरासत में मिली नेतागिरी की वजह महोदय ने जनमत का दिल जीता. लेकिन हर बार अपने आप को एक कार्पोरेटर से बड़ा साबित नहीं कर सके. गत कार्यकाल भी नेताजी का ऐसा ही गया. चुनाव नजदीक आते ही महोदय ने भी दूसरे राजनेताओं की तहत बड़े-बड़े वादे करने की ठान ली. रैलियों और प्रचार अभियान शुरू होते ही नदी पर झूला बनाने का वादा कर दिया. नेताजी का वादा सुनकर सब चकित रह गए. नाली से आगे नहीं निकलने वाले नेताजी कैसे इतने बड़े प्रोजेक्ट की सोचने लगे. लेकिन नेताजी को क्या पता था कि उनका ये वादा उन्हें झुला झूला देगा. नतीजों में ऐसे पटखनी आई कि अब उन्हें झूले वाले बाबा के नाम से संबोधित किया जाने लगा है. शहर निकाय चुनाव के आते ही उनकी सक्रियता से लोग कहने लगे हैं कि नेताजी अब कहां झूला बनवाएंगे…