भिलाई स्टील प्लांट के गेट्स पर वाहनों की आवाजाही ठप, ट्रांसपोर्टर्स और स्टील चैंबर ने सांसद से की शिकायत

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के विभिन्न गेट्स पर डिस्पैच और वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से न होने के कारण संयंत्र को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन और स्टील चैंबर भिलाई ने दुर्ग लोकसभा सांसद को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर समस्या के तुरंत समाधान की मांग की है।

दोनों संगठनों ने अपने पत्र में बताया है कि वर्तमान में विभिन्न गेट्स से वाहनों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है, जिससे मैटीरियल की लिफ्टिंग प्रभावित हो रही है और ट्रांसपोर्टर्स समेत BSP के सभी उपभोक्ताओं तथा स्वयं संयंत्र को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वर्तमान स्थिति का विवरण:

  • रोलिंग मिल गेट: पहले प्रतिदिन लगभग 120-130 गाड़ियां प्रवेश करती थीं, अब केवल 50-60 गाड़ियां ही प्रवेश कर पा रही हैं।
  • डिस्पोजल गेट: पहले 60-65 गाड़ियां प्रतिदिन आती थीं, अब संख्या घटकर केवल 25-30 रह गई है।
  • बोरिया गेट: पहले 105-110 गाड़ियां आती थीं, अब लगभग 70-80 गाड़ियां (सप्लाई की गाड़ियां मिलाकर) ही प्रवेश कर पा रही हैं।
  • कैनाल गेट: वाहनों की आवाजाही और डिस्पैच क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त गेट चालू करने की चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अन्य गंभीर समस्याएं:

  • विभिन्न गेट्स पर VTS (Vehicle Tracking System) और सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहे। बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण वाहनों की एंट्री और निकासी में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
  • गेट्स के आसपास पर्याप्त और सुव्यवस्थित पार्किंग की सुविधा न होने से वाहनों के प्रबंधन में कठिनाई आ रही है, समय बर्बाद हो रहा है और परिवहन कार्य की गति प्रभावित हो रही है।
  • CISF जांच अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, ताकि गाड़ियों के इन-आउट और मैटीरियल ढुलाई में तेजी आ सके।
  • खाली गाड़ियों के प्रवेश और लोडेड गाड़ियों की निकासी के लिए अलग-अलग गेट चालू किए जाएं (रोलिंग मिल/बोरिया गेट में अतिरिक्त गेट की सुविधा उपलब्ध है)।
  • प्लांट में गाड़ियों के प्रवेश के समय ऑटोमेशन चेकिंग सिस्टम लागू किया जाए।
  • गाड़ी की लोडिंग पूरी होने के बाद वेटमेंट और इनवॉइस बनाने की प्रक्रिया को त्वरित एवं व्यवस्थित किया जाए, ताकि अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

दोनों संगठनों ने सांसद से अनुरोध किया है कि जनहित और भिलाई इस्पात संयंत्र के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि संयंत्र से मैटीरियल का आवागमन सुचारू रूप से हो सके। पत्र की प्रति निदेशक प्रभारी, भिलाई स्टील प्लांट को भी भेजी गई है।

भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्टील चैंबर भिलाई के अध्यक्ष ने अपने-अपने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

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