कबीरधाम पुलिस की तत्परता से तीन बच्चों को मिला परिवार, बिछड़ने के बाद चेहरों पर लौटी मुस्कानकलेक्टर कॉलोनी में अकेली मिली बच्ची और सरोधा डेम में बिछड़े दो बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कियाकवर्धा। कबीरधाम पुलिस की तत्परता और संवेदनशील पहल से


कवर्धा::सत्येंद्र बड्डघरे:- कबीरधाम पुलिस की तत्परता और संवेदनशील पहल से अलग-अलग स्थानों पर अपने परिजनों से बिछड़े तीन बच्चों को सकुशल उनके परिवार से मिला दिया गया। 30 अगस्त को सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई इन घटनाओं में पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों के परिजनों की तलाश की और उन्हें सुरक्षित सुपुर्द किया। बच्चों के परिवार से मिलते ही उनके चेहरों पर खुशी लौट आई।


पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव (IPS) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने यह कार्रवाई की।
कलेक्टर कॉलोनी में अकेली मिली बच्ची
कलेक्टर कॉलोनी स्थित प्रतीक्षालय में एक बच्ची के अकेले मिलने की सूचना पार्षद दुर्गेश अवस्थी ने सिटी कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
इसके बाद पुलिस ने बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू की। थाना प्रभारी सिटी कोतवाली लालजी सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित प्रयास करते हुए बच्ची की मां का पता लगाया। आवश्यक पुष्टि के बाद बच्ची को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
सरोधा डेम में भीड़ के बीच बिछड़े थे दो बच्चे
इधर, सरोधा डेम में भीड़ के बीच 8 वर्षीय पोषण निषाद और 9 वर्षीय वासु निषाद अपने परिजनों से बिछड़ गए। पेट्रोलिंग टीम की नजर बच्चों पर पड़ी तो उन्हें सुरक्षित संरक्षण में लेकर परिजनों की तलाश शुरू की गई।
सउनि राजकुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए दोनों बच्चों के परिजनों का पता लगाया। इसके बाद दोनों बच्चों को सकुशल उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। परिवार से मिलते ही बच्चों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। परिजनों ने कबीरधाम पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय पहल के लिए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
कबीरधाम पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि मुसीबत में फंसे नागरिकों और बच्चों की मदद करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

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