
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के बीच बस्तर संभाग में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। सुकमा में 21 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद अब बीजापुर में 30 माओवादियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन सभी पर कुल मिलाकर लगभग 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार, सरकार की “नियद नेल्लानार” योजना और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डिवीजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) सहित 30 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 20 महिला और 10 पुरुष माओवादी शामिल हैं। ये सभी पूर्व में माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसी घटनाओं में संलिप्त रहे हैं।
आत्मसमर्पण सीआरपीएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये की नगद सहायता प्रदान की गई।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक 918 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वहीं वर्ष 2025 से अब तक 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा अलग-अलग मुठभेड़ों में 231 माओवादी मारे जा चुके हैं।
सुरक्षा बलों का कहना है कि पुनर्वास नीति और लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है और बड़ी संख्या में सदस्य मुख्यधारा में लौट रहे हैं।