

दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस द्वारा “ऑपरेशन सुरक्षा” अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शराब के नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
दुर्ग जिले के प्रमुख मार्गों, ग्रे स्पॉट और ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में शाम से देर रात तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यातायात पुलिस द्वारा वाहन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की जा रही है, ताकि नशे में वाहन चलाने वालों को मौके पर ही पकड़ा जा सके।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में जनवरी से 25 दिसंबर तक नशे में वाहन चलाने वाले कुल 1309 वाहन चालकों के वाहन जब्त कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रत्येक चालक पर शराब सेवन और अन्य धाराओं के तहत 10,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस अवधि में कुल 1 करोड़ 33 लाख 89 हजार 800 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
इसके साथ ही ऐसे सभी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया के लिए प्रकरण परिवहन विभाग को भेजे जा रहे हैं।
दुर्ग पुलिस का कहना है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण नशे में वाहन चलाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन सुरक्षा के तहत प्रतिदिन विशेष पाइंट लगाकर सघन जांच की जा रही है और नियम तोड़ने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अपील:
यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए नशे में कभी भी वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।