
रायपुर । छत्तीसगढ़ में हुए कथित करोड़ों के शराब घोटाला में ईओडब्ल्यू एसीबी ने प्रदेश के 15 जिलों के आबकारी अधिकारियों को तलब किया है। बारी-बारी से ईओडब्ल्यू- एसीबी मुख्यालय बुलाए जा रहे जिला आबकारी अफसरों से सुबह से देर रात तक पूछताछ चल रही है। अफसरों से जिले की शराब दुकानों से नकली होलोग्राम वाले शराब बेचने और उस संबंध में मिले निर्देशों के संबंध में जानकारी एकत्र की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
आबकारी मामले में हाईकोर्ट की राहत
आबकारी मामले में हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू- एसीबी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इस मामले में राहत देने दायर सभी 13 याचिकाओं को खारिज कर दिया। इतना ही नहीं मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अनिल टूटेजा को राहत देने वाले आदेश को भी खारिज कर दिया है।
साक्ष्य सामने रखकर हो रही पूछताछ
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार ईओडब्ल्यू- एसीबी मुख्यालय बुलाए जा रहे कई आबकारी अधिकारियों के नाम चार्जशीट में भी है, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि इन अफसरों से डीएसपी रैंक के अफसर पूछताछ कर रहे हैं, वह भी बकायदा सबूत हाथ में रखकर पूछताछ कर रहे हैं। एक-एक दस्तावेज और आदेश को लेकर लंबी पूछताछ की जा रही है।
केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच
इस मामले की केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच कर रही है। ईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि नकली होलोग्राम वाली शराब प्रदेश के उन 15 जिलों में बेची जाती थी, जहां शराब की खपत ज्यादा है। ईओडब्ल्यू-एसीबी उन्हीं जिला आबकारी अधिकारी से पूछताछ कर रही है। ईडी के अनुसार पूरे खेल का मास्टर माइंड अनवर ढेबर है। वहीं, अनिल टूटेजा, अरुणपति त्रिपाठी और निरंजन दास इस घोटाला की अहम कड़ी हैं।