
धमधा। विकासखंड के ग्राम धरमपुरा में स्थित खसरा नंबर 466 एवं 467 की करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला नया मोड़ ले चुका है। राजस्व विभाग की जांच में वैशाली नगर, भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक सुरेश यादव (पिता शत्रुघ्न यादव) द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती किए जाने की पुष्टि होने का दावा किया गया है। जांच के बाद राजस्व विभाग ने अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुख्य सड़क से लगी शासकीय भूमि पर लंबे समय से कब्जा किया गया है। आरोप है कि पुलिस विभाग में पदस्थ होने के कारण सुरेश यादव ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विरोध करने वालों को डराया-धमकाया, जिससे अधिकांश ग्रामीण खुलकर शिकायत करने से बचते रहे।
मामले की शिकायत के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), धमधा के निर्देश पर पंचायत और पटवारी द्वारा संयुक्त जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में पंचायत ने भूमि को शासकीय बताते हुए कब्जे की पुष्टि की। इसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी ने स्थल निरीक्षण किया, जिसमें शासकीय भूमि पर कब्जा पाए जाने के बाद राजस्व विभाग ने अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू कर दी।
इधर, शिकायत के आधार पर पुलिस लाइन दुर्ग के उप पुलिस अधीक्षक ने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जा चुका है और मामले की विवेचना जारी है। राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद यह मामला पुलिस विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।