
दुर्ग। जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘भीम का मैंगो (पैक्ड) ग्रीन कलर मैंगो आइस कैंडी’ के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य खाद्य प्रयोगशाला की जांच में उत्पाद को असुरक्षित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित उत्पाद का नमूना परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में खाद्य विश्लेषक ने आइस कैंडी को मानकों के अनुरूप नहीं पाया और इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया। इसके बाद नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और विनियम-2011 के तहत संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के सभी दुकानदारों, विक्रेताओं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे इस उत्पाद की बिक्री तत्काल बंद करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित आइस कैंडी का भंडारण या विक्रय करते हुए पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति या फर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने बाजारों में निगरानी बढ़ा दी है और लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
खाद्य विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस प्रतिबंधित आइस कैंडी का सेवन न करें। यदि कहीं इसकी बिक्री या भंडारण की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है और कई दुकानदारों ने संबंधित उत्पाद को अपनी दुकानों से हटाना शुरू कर दिया है।