
नौकरी लगाने के नाम पर लोगों को ठगने वाला फरार मास्टरमाइंड कांकेर से पकड़ा गया।
दुर्ग । प्रार्थी संतराम देशमुख, उम्र 54 वर्ष, ग्राम चिरचार, थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 02/07/2022 को आरोपी भेषराम देशमुख, रविकांत देशमुख और उनके साथी अरूण मेश्राम निवासी राजनांदगांव ने मंत्रालय में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर छलपूर्वक ₹5,00,000 लेकर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने अन्य लोगों से भी इसी तरह नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी की।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 363/2025, धारा 420, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान आरोपियों भेषराम देशमुख और रविकांत देशमुख को 06/09/2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।
प्रकरण का मुख्य आरोपी (मास्टरमाइंड) अरूण मेश्राम, जो घटना के बाद से फरार था, कांकेर में किराये के मकान में छिपा हुआ पाया गया। सूचना मिलने पर 14/10/2025 को उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर स्वयं को मंत्रालय का अधिकारी बताकर लगभग 20-25 लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ₹40-45 लाख की ठगी की।
ठगी से प्राप्त रकम का तीनों आरोपियों ने आपस में बंटवारा किया था। अरूण मेश्राम ने अपने हिस्से की रकम से कांकेर में 15 लाख का प्लॉट खरीदा और शेष पैसे से तीन वर्षों से घर का खर्च चला रहा था। आरोपी से प्लॉट खरीदी एग्रीमेंट की प्रति और नकद ₹4,000 बरामद किए गए हैं। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी अंजोरा उनि खेलन सिंह साहू, प्र.आर. सूरज पांडेय, राकेश सिंह, एवं आर. टोमन देशमुख की अहम भूमिका रही।
अपराध क्रमांक: 363/2025
धारा: 420, 34 भादवि
आरोपी का नाम-पता: अरूण कुमार मेश्राम, पिता स्व. लखन लाल मेश्राम, उम्र 54 वर्ष, निवासी ग्राम परसदा थाना अभनपुर जिला रायपुर, वर्तमान निवास ग्राम भीरावाही, थाना एवं जिला कांकेर।
गिरफ्तारी दिनांक: 14/10/2025
बरामद संपत्ति: प्लॉट खरीदी एग्रीमेंट की प्रति एवं ₹4,000 नकद