
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। साय कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया। इसके अनुसार, राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ करेगी।
किसको मिलेगा लाभ?
इस फैसले से 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। इससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम हो पाएंगे।
नवा रायपुर में स्थापित होगा NIFT का कैम्पस
इसके अलावा, कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के कैम्पस को मंजूरी प्रदान की गई। इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी, जिसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है।
NIFT की विशेषताएं
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) भारत में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत हुई थी। NIFT के पूरे भारत में 17 परिसर हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु शामिल हैं। यह संस्थान फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है।
क्या होगा लाभ?
NIFT के कैम्पस की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने कौशल को विकसित करने और फैशन उद्योग में अपना करियर बनाने का अवसर मिलेगा।