
बिलासपुर। रेलवे में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। मस्तूरी थाना क्षेत्र के जयराम नगर कोल साइडिंग में एक श्रमिक ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने उसे तुरंत बिलासपुर के एक निजी बर्न अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
रैक लोडिंग के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झुलसा हुआ श्रमिक आर्यन रेलवे में मजदूरी करता था। गुरुवार को वह इंद्रमणि प्राइवेट लिमिटेड के रैक कोयले से लोड कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह
घटना को लेकर श्रमिकों का कहना है कि रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने अतिरिक्त लाभ कमाने के लिए सुरक्षा नियमों की अनदेखी की, जिससे श्रमिक की जान जोखिम में पड़ गई।
श्रमिकों के मुताबिक, इस साइडिंग में कोयला लोड करने के बाद वे लेबलिंग और टूट-फूट की जांच करते हैं। हादसे के समय, आर्यन के साथ अन्य श्रमिक भी वेगन के ऊपर काम कर रहे थे। अधिकांश श्रमिक नीचे उतर चुके थे, लेकिन आर्यन अभी भी ऊपर काम कर रहा था। इसी बीच, बिना यह सुनिश्चित किए कि सभी श्रमिक नीचे आ चुके हैं, ओएचई लाइन चालू कर दी गई, जिससे आर्यन करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह देखा जा रहा है कि क्या रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।