
मामले की जांच में बड़ा मोड़
कोलकाता । कोलकाता रेप-मर्डर केस में सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस थाने के एसएचओ अभिजीत मंडल को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप में की गई है।
संदीप घोष की गिरफ्तारी
संदीप घोष मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 16 अगस्त से ही सीबीआई की हिरासत में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सेमिनार हॉल से लगे कमरों का रेनोवेशन कराया था, जो कि क्राइम स्पॉट के पास है। 5 सितंबर को सीबीआई की जांच में सामने आया कि ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के अगले दिन ही संदीप घोष ने सेमिनार हॉल से लगे कमरों के रेनोवेशन का ऑर्डर दिया था।
अभिजीत मंडल की गिरफ्तारी
अभिजीत मंडल पर एफआईआर लिखने में देरी करने का भी आरोप है। सीबीआई ने ताल्हा पुलिस स्टेशन के पूर्व अधिकारी अभिजीत मंडल से इस मामले में कई बार पूछताछ की है और कोलकाता पुलिस पर मामले की गलत तरीके से जांच करने का भी आरोप है। साथ ही कुछ अधिकारी इसीलिए भी जांच के दायरे में हैं क्योंकि उनकी प्रमुख आरोपी संजय रॉय के साथ नजदीकियां सामने आई हैं।
मामले की जांच में सुप्रीम कोर्ट की दखल
सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस की बैंच को बताया था कि क्राइम स्पॉट को बदल दिया गया है। हालांकि, सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, जो पश्चिम बंगाल सरकार को रिप्रेजेंट कर रहे थे, उन्होंने इससे इनकार किया था।
मामले की जांच में आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने मामले की जांच में आगे की कार्रवाई करने का फैसला किया है। एजेंसी ने कहा है कि वह मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
मामले की जांच में राजनीतिक दबाव
मामले की जांच में राजनीतिक दबाव भी बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह मामले की जांच में सहयोग करेंगी। लेकिन विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार मामले की जांच में दखल दे रही है।