
सत्येन्द्र बडघरे कवर्धा – शरद पूर्णिमा एक ऐसा दिन जीस दिन चंद्रमा और माता लक्ष्मि जी का अवतार हुआ था, इसी बताया जाता है कि इसी दिन देवताओं और दानओ ने मिलकर अमृत पाने के लिए समुद्र का मंथन भी किया था और दोनों में जब अमृत कलश को लेकर लड़ाई हुई तो अमृत कि कुछ बुरे धरती पर गीरी थी इसी परंपरा को आज भी लोग मानते नजर आते है ,जिसके फल स्वरूप आज भी शरद पूर्णिमा को पिपरिया नगर से के अनेको स्थानो पर प्रसाद वितरण का गर्यक्रम रखा गया, वही नगर के छोटे मंदिर प्रांगण में मजन संध्या का आयोजन किया गया जहां भगवान् के भजन पर भक्त मग्न होकर झुमते नजर आए ,वही मध्य रात्री भगवान कि आरती भी की गई आरती पश्चात प्रसाद पाने के लिए नगर के भक्तो का हुजुम देखने को मीला प्रसाद वितरण का यह कार्यक्रम नगर के छोटे मंदिर, बड़े मंदिर, जगन्नाथ मंदिर ,छोटे बाजार, बडे बाजार ,लक्ष्मि चौक सहित अन्य जगहों पर देखने को मीला।
