
दुर्ग जिले के पाटन में संयुक्त कृषि भूमि को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर जमीन के वास्तविक हिस्सेदार की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी तरीके से विक्रय कराने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, ग्राम कुम्हली की संयुक्त कृषि भूमि के विक्रय के दौरान दिलीप बंजारे को क्रेता और कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था। मामले में षड्यंत्र और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस ने लगातार पतासाजी और निगरानी के बाद दोनों आरोपियों की घेराबंदी कर 19 अगस्त को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस मामले में एक अन्य आरोपी ईश्वर दास को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले दस्तावेज, स्वामित्व और संबंधित पक्षकारों की पहचान का पूरी तरह सत्यापन जरूर करें।