
भिलाई/दुर्ग, 29 जून। साइबर ठगी से अर्जित रकम के लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का दुर्ग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना छावनी पुलिस ने मामले की जांच के दौरान 23 लोगों को कार्रवाई के दायरे में लिया। इनमें से 15 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि 8 लोगों को धारा 35(1) बीएनएसएस के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
पुलिस के अनुसार थाना छावनी में दर्ज अपराध क्रमांक 312/2026 की विवेचना के दौरान यह सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने और उसकी वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था।
तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने 29 जून को एक साथ कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को चिन्हित किया। आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक सहित बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने के एवज में कमीशन लेते थे। इस तरह वे सीधे तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के लेनदेन में सहयोग कर रहे थे।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी को भी उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधों में होने पर खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को देने की अपील की गई है।