
दुर्ग । दुर्ग पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद में ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित कर रहे 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लैपटॉप, 46 मोबाइल, 23 पासबुक, 107 एटीएम कार्ड, लगभग 20 सिम कार्ड और 2 लाख 57 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कुणाल वर्मा है, जो पैनल खरीदकर म्यूल अकाउंट की व्यवस्था करता था। उसके ऊपर संचालित बड़े नेटवर्क और चैनल की भी जांच जारी है।

पुलिस के मुताबिक 16 मई 2026 को छावनी थाना और एसीसीयू टीम ने चरौदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को विभिन्न बैंक खातों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे स्लम एरिया और अन्य लोगों से संपर्क कर उनके नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद नए सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम और चेकबुक लेकर इन्हें कुरूद जामुल निवासी कुणाल वर्मा को प्रति पासबुक 25 हजार रुपये में बेचते थे।
जांच में सामने आया कि कुणाल वर्मा इन बैंक खातों, एटीएम, सिम कार्ड और चेकबुक का इस्तेमाल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में रकम के लेनदेन, डिपॉजिट और विड्रॉल के लिए करता था। वह स्वयं “Sat Sport Book” संचालित करता था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि हैदराबाद के अल्फापुरम स्थित एसएस रेसिडेंसी, शमसाबाद की नक्षत्र सोसायटी और अन्य स्थानों से ऑनलाइन आईपीएल सट्टा पैनल चलाया जा रहा था, जहां स्थानीय युवकों को ले जाकर सट्टा ऑपरेट कराया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विक्की साहू, अभिषेक भारती, गुफरान खान, राजकुमार पासवान, तुकेश्वर साहू, जेदखान, के श्रीनू, शेख सद्दाम, विकास राय, विकास निषाद, रोहित चौहान, कुणाल वर्मा और प्रतीक पटेल को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान करीब 10 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया।
पुलिस जांच में विभिन्न बैंक खातों में लगभग 5 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला है। इन खातों से जुड़े 63 साइबर शिकायतें भी दर्ज हैं। पुलिस अब सट्टा सिंडिकेट द्वारा संचालित म्यूल अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की तैयारी में है। साथ ही सभी आरोपियों की संपत्ति का विवरण भी खंगाला जा रहा है।
मामले को संगठित अपराध मानते हुए पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। थाना छावनी में अपराध क्रमांक 320/2026 के तहत धारा 318(4), 319, 317(2), 317(4), 111, 61(2) बीएनएस एवं छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।