दुर्ग में क्राइम मीटिंग: अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण और सख्त पुलिसिंग के निर्देश


दुर्ग। पुलिस कंट्रोल रूम दुर्ग में 09 फरवरी 2026 को जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, लंबित प्रकरणों की स्थिति, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और प्रशासनिक अनुशासन पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान निर्देश दिए गए कि गंभीर और संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए। साक्ष्य संकलन, गवाहों के कथन, तकनीकी साक्ष्य तथा वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाए। आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों और वारंटियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध हथियार, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने पर जोर दिया गया।


लंबित अपराध, चालान एवं न्यायालयीन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए थाना स्तर पर जवाबदेही तय करने को कहा गया।


बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं :
1. समस्त थाना प्रभारी प्रतिदिन प्रातः अथवा सायंकाल थाना में गणना उपस्थिति सुनिश्चित करें।
2. स्थानीय स्तर पर प्राप्त जन-शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।
3. गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों की सूचना समय पर संबंधित राजपत्रित अधिकारियों को दी जाए।
4. गंभीर प्रकृति के मामलों में थाना प्रभारी स्वयं प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना सुनिश्चित करें।
5. समस्त आरक्षक ए एवं बी नोटबुक का संधारण करें, जिसका साप्ताहिक निरीक्षण थाना प्रभारी द्वारा किया जाए।
6. थाना प्रभारी थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम सुनिश्चित करें।
7. अवैध नशा एवं मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध प्रभावी और सतत कार्रवाई की जाए।
8. विधानसभा सत्र को दृष्टिगत रखते हुए बीट व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए तथा बीट प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।
9. पुलिस कार्यालय से प्राप्त पत्राचार का समय-सीमा में परीक्षण कर आवश्यक जवाब प्रस्तुत किया जाए।
10. नेफिस (NAFIS) प्रणाली का बीट सिस्टम के माध्यम से शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
11. गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध एनडीपीएस एवं आबकारी अधिनियम के तहत निरंतर कार्रवाई कर जब्त सामग्री का विधिवत नष्टीकरण कराया जाए।
12. धारा 41(1-4) के अंतर्गत जप्त वाहनों तथा धारा 34(2) आबकारी के तहत जप्त शराब के नष्टीकरण की वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र निराकरण किया जाए।
13. ई-चालान, ई-समन एवं ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
14. लंबित प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों एवं मर्ग प्रकरणों का विधिसम्मत निराकरण किया जाए।
15. रात्रिकालीन गश्त के प्वाइंट बढ़ाए जाएं।


थाने में आने वाले सभी लोगों से सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए।
निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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